Breaking News

  वास्तु शास्त्र अपनाएं समृद्धि पाएँ।

  मानव की जीवन शैली में गृह को एक प्रधान शक्ति के रूप आयोजित कर उसका वास्तु नामकरण किया। भवन में जल, वायु आकाश, अग्नि एवं भूमि इन पांच तत्वों.....
 
 

  मंदिर निर्माण में वास्तु का महत्त्व

 पूरे विश्व में धर्म के प्रति आस्था रखने वाले देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। देवी-देवताओं की पूजा-प्रार्थना, आराधना करने के लिए मंदिर,.....
 
 

  वास्तु सम्मत अध्ययन कक्ष - वैज्ञानिक आधार  

  इस युग में शिक्षा का क्षेत्र अत्यन्त विस्तृत हो गया हैं और बदलते हुए जीवन-मूल्यों के साथ-साथ शिक्षा के उद्धेश्य भी बदल गये हैं। शिक्षा.....
 
 

  शिक्षण संस्थान में वास्तु का महत्त्व

 किसी भी विद्यालय की शोभा व प्रतिष्ठा उसके पढाई के स्तर अनुशासन विद्यार्थियों द्वारा अर्जित सफलता पर निर्भर करती है। आज विद्यालय का.....
 
 

  मास्टर बेडरूम

  शयन मनुष्य की एक अतिआवश्यक क्रिया हैं । शयन मनुष्य को सुकुन एवं ताजगी प्रदान करता हैं यदि मनुष्य ठीक प्रकार से नहीं सो पाता तो उसे अनेक.....
 
 

  विक्रय अधिकारियों का कक्ष ओर वास्तुशास्त्र

किसी भी भवन का जब निर्माण किया जाए तब उसमें वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों का भलीभांति पालन करना चाहिए चाहे वह निवास स्थान हो या व्यवसायिक.....
 
 

  वास्तुशास्त्र प्रबंधक का कमरा

 विद्यार्थी को विद्या का अर्जन करना परम आवश्यक हैं। योगी पुरूष के जीवन में योग परम आवश्यक है। सन्यासी के लिए वैराग्य भाव का विकास एवं.....
 
 

  कम्प्यूटर ट्रैनिंग सेन्टर का महत्व

  किसी भी भवन का जब निर्माण किया जाए तब उसमें वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों का भलीभांति पालन करना चाहिए चाहे वह निवास स्थान हो या व्यवसायिक.....
 
 

  कोचिंग सेन्टर की साज-सज्जा एवं बैठक व्यवस्था

 किसी भी भवन का जब निर्माण किया जाए तब उसमें वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों का भलीभांति पालन करना चाहिए चाहे वह निवास स्थान हो या व्यवसायिक.....
 
 

  वास्तु सम्मत पूजा कक्ष

 यदि ध्यान कक्ष या पूजा कक्ष उचित स्थान पर बनाया जावे तो यह वास्तविक दुनिया में समय के साथ व्यक्ति के मनोभावों को मूर्तरूप देने में गति.....
 
 

  वास्तु सममत आदर्श भवन-सुखी जीवन का आधार

वर्तमान में वास्तु का प्रभाव जिस प्रकार से बढ़ा हैं , उसने जीवन के प्रत्येक क्षैत्र को प्रभावित किया हैं। वास्तु की ऊर्जा जीवन के प्रत्येक.....
 
 

  वस्तु-शास्त्र (गृह-प्रवेश)

  नवीन घर का प्रवेश उत्तरायण सूर्य में वास्तु-पूजन करके ही करना चाहिए । उसके पहले वास्तु-जप यथाशक्ति करा लेना चाहिए । शास्त्रानुसार गृह-प्रवेश.....
 
 

  वास्तु चक्र क्या है

 वास्तु शब्द ‘वस निवासे धातु से निष्पन्न होता है, जिसे निवास के अर्थ में ग्रहण किया जाता है। जिस भूमि पर मनुष्यादि प्राणी वास करते हैं,.....
 
 

  भवन निर्माण से पहले क्या करें

 वास्तुशास्त्र का सिद्धांत है कि प्राकृतिक शक्यिं; यथा- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश आदि के अनुसार ही गृह के कक्षों- कमरों का निर्माण करना.....
 
 

  क्या है वास्तु का अर्थ

  वास्तु का अर्थ हैं निवास करना। जिस भूमि पर मनुष्य निवास करते हैं उसे वास्तु कहा जाता हैं। कुछ व्यक्ति  सोचते हैं कि वास्तु सम्मत मकान.....
 
 

  वास्तु एवं आधुनिक व्यवसाय  

आज के आधुनिक युग में प्रत्येक व्यक्ति आर्थिक प्रगति की दौड़ में शामिल है। विश्व की आर्थिक विषमताओं के चलते किसी भी व्यवसाय या कारोबार को.....
 
 

  वास्तु का महत्त्व

 वास्तु का स्थान सदियों से हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण रहा है। हमारे ऋषियों मुनियों ने कई वर्षो तक अनुसंधान और कड़े परिश्रम के बाद.....
 
 

  वास्तु के सुनहरे सूत्र

वास्तु शब्द का सीधा सा अर्थ है, वास अर्थात् रहने योग्य उपयुक्त स्थान या आवास। वैसे वास्तु ज्योतिष आधारित दिशाओं आकार और आकृति का विषय है। 1......
 
 

  वास्तुशास्त्र एंव गृह निर्माण

वास्तुदोष निवारण करने से एक व्यक्ति के जीवन की पूर्ण कायापलट हो सकती है। वह सभी सुख साधनों को प्राप्त कर सकता है। वास्तुशास्त्र की रचना.....
 
 

  तनाव को मानसिक घबराहट के रूप में कैसे जाने

 तनाव! तनाव! तनाव........आज लगभग समस्त संसार किसी न किसी प्रकार के तनाव की गिरफ्त में है। आज तनाव को मानसिक घबराहट के रूप में हर चेहरे पर पढ़ा.....
 
 

  दक्षिण-पश्चिम में हो गृहस्वामी का सोने का कमरा

रंग विज्ञान के अनुसार रंगों का हमारे मष्तिष्क तथा शरीर पर भिन्न- भिन्न प्रभाव पडता है।रंग जीवंतता के प्रतीक हैं। विभिन्न-रंगों से प्रेम.....
 
 

  दक्षिण-पश्चिम में हो गृहस्वामी का सोने का कमरा

   शयन मनुष्य की एक अतिआवश्यक क्रिया हैं । शयन मनुष्य को सुकुन एवं ताजगी प्रदान करता हैं यदि मनुष्य ठीक प्रकार से नहीं सो पाता तो उसे.....
 
 

  आपका शयन कक्ष कैसा हो

  शयन कक्ष का सम्पूर्ण भवन में महत्वपूर्ण स्थान रहता हैं । गृह स्वामी जब भवन का निर्माण करवाता हैं तो दिशा का चुनाव वास्तु आधार पर करना.....
 
 

  वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार भवन निर्माण

  किसी भी भवन का जब निर्माण किया जाए तब उसमें वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों का भलीभांति पालन करना चाहिए चाहे वह निवास स्थान हो या व्यवसायिक.....
 
 

  वास्तु एवं विज्ञान

 संसार वास्तव में ईश्वर का आभास हैं और यह आभास इस कारण उत्पन्न होता हैं कि हमने अज्ञानता वश संसार को सत्य समझ लिया हैं जो क्षण भंगुर है.....
 
 

  वास्तु और विद्यार्थी, वास्तु अनुसार कैसा होना चाहिए बच्चों का कमरा और उनका स्टडी रूम अध्ययन कक्ष पढाई का कमरा.?

 किसी भी भवन का जब निर्माण किया जाए तब उसमें वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों का भलीभांति पालन करना चाहिए चाहे वह निवास स्थान हो या व्यवसायिक.....
 
 

  वास्तुशास्त्र- शुभ दिशा ज्ञान

 वास्तुशास्त्र आज चर्चा का विषय है। पिछले कुछ वर्षों में इस विषय की अनेक पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। भारत वासियों के लिए वास्तुशास्त्र.....
 
 

  समृद्धि में अवरोध - कारण पूजा कक्ष तो नहीं

 पूजाघर भौतिक सुखों की प्राप्ति के साथ-साथ पारलौकिक सुखों एवं आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति का साधन हैं। यह वह कक्ष हैं, जिसमें विश्व.....
 
 

  जन्मकुंडली के ग्रहों की प्रकृति

जन्मकुंडली के ग्रहों की प्रकृति व स्वभाव अनुसार सृजन प्रक्रिया बिना लाग लपेट के प्रभावी होती हैं और ऐसे में अगर कोई जातक जागरूकता को अपनाकर.....
 
 

  ईश्वर के प्रति आस्था से जीवन में खुशहाली

  दुनिया का हर धर्म ईश्वर या किसी न किसी अलौकिक शक्ति पर विश्वास और उसके प्रति आस्था रखना सिखाता है। इन धर्मों की यह सीख सिर्फ कोरी बकवास.....
 
 

  वास्तुशास्त्र द्वार सुखी परिवार

  हमारे ग्रंथ पुराणों आदि में वास्तु एवं ज्योतिष से संबंधित गूढ़ रहस्यों तथा उसके सदुपयोग सम्बंधी ज्ञान का अथाह समुद्र व्याप्त है जिसके.....
 
 

  वास्तु सम्मत आफिस

  वास्तु के दृष्टिकोण से एक अच्छे आफिस में बैठते हुए यह ध्यान रखना जरूरी हैं कि स्वामी की कुर्सी आफिस के दरवाजे के ठिक सामने ना हो । कमर.....
 
 

  वास्तु सम्मत -  रसोईघर

दीर्घायु के लिये व्यक्ति का स्वस्थ होना आवश्यक है। स्वस्थ व्यक्ति जीवन पर्यन्त समस्त प्रकार के उत्तरदायित्वो का ठीक से निर्वाह कर सकता.....
 
 

  हमारे शरीर मे पंचतत्त्व की अपनी विशेष भूमिका का महत्त्व

हमारे शरीर मे पंचतत्त्व अपनी विशेष भूमिका निभाते हैं। पूरे का पूरा आयुर्वेद पंचतत्त्वों पर आधारित है। ये पंचमूल तत्त्व एक दूसरे तत्त्व.....
 
 

  वास्तु दोष कैसे पहचाने ?

 भवन निर्माण एवं वास्तु विज्ञान दो अलग अलग विषय हैं। एक व्यक्ति अपने मनोनुकूल गृह का निमार्ण तो करवा सकता है अपने आर्किटेक्ट या डिज़ाइनर.....
 
 

  चाईनीज क्योर क्यों ? भारतीय क्यों नहीं ? चीनी वास्तु कला और भारतीय वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र आज बहुत ही प्रचलित है। भारतीय वास्तु शास्त्र को हम वास्तु शास्त्र के नाम से जानते हैं। इसके अनुसार भवन निर्माण से पहले.....
 
 

  दिशा नीचे होंने के परिणाम ऊँचे होने के परिणाम

 पूर्व आयु, सुख एवं यश वृद्धि। संतान की हानि। आग्नेय दक्षिण-पश्चिम कोण की अपेक्षा नैऋर्त्य से ऊँचा होने पर नीचे हो तो शुभ फल होता है। अशुभ।.....
 
 

  भवन हेतु भूखण्ड का आकार

 अनेकों व्यक्ति भूखण्ड के शुभ-एव अशुभ तथ्वों के ध्यान में रखे विना ही भवन निर्माण प्रारम्भ करवा देते है, जिसके फलस्वरूप अशुभ फल, आर्थिक.....
 
 

  मकान का द्वार दक्षिण दिशा से हो

हमारे मन में दक्षिण दिशा से बहुत भय है। इसलिए कोई भी अपने मकान का द्वार दक्षिण में नहीं रखना चाहता है। पश्चिम में कुछ अच्छा है। अतः दो चार.....
 
 

  आग्नेय.दिशा के अनुरूप भवन

वास्तु शास्त्र प्राकृतिक तत्वों पर आधारित उच्चकोटि का विज्ञान हैं। वास्तुशास्त्र परोक्ष रूप से प्र्रकृति के नियमों का अनुसरण करता हैं.....
 
 

  क्यों होने चाहिए दिशाओं के अनुरूप भवन

वास्तु का अर्थ है वास करने का स्थान। महाराज भोज देव द्वारा ग्यारहवीं शताब्दी में समरांगण सूत्रधार नामक ग्रंथ लिखा गया था जो वस्तु शास्त्र.....
 
 

  पश्चिम दिशा के अनुरूप भवन

 वास्तु शास्त्र प्राकृतिक तत्वों पर आधारित उच्चकोटि का विज्ञान हैं। वास्तुशास्त्र परोक्ष रूप से प्रकृति के नियमों का अनुसरण करता हैं.....
 
 

  दक्षिणमुखी भवन भी सुखमय

 कभी-कभी किसी भ्रांति देसी मानसिकता बन जाती है कि हम बुरा मान लेते है और इस भ्रंति से वास्तुशास्त्रानुसार कोई भीर दिशा अच्छी या बुरी नहीं.....
 
 

  दक्षिण दिशा से सम्बन्धित भवन

 ऐसा भूखण्ड जिसके दक्षिण में ही सड़क होतो उसे दक्षिण भूखण्ड कहते है। दक्षिणी मुखी भूखण्ड होने का प्रभाव घर की महिलाओ पर पड़ता है। दक्षिणी.....
 
 

  ईशान दिशा के अनुरूप भवन

   वास्तु शास्त्र में ईशान कोण के शुभ-अशुभ लक्षण                 वास्तु का अर्थ है वास करने का स्थान। महाराज भोज देव.....
 
 

  पूर्वी दिशा में  भवन के परिणाम

  पूर्वी दिशा में खाली स्थल वाला भवन स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से प्रगतिकारक होता है। पूर्वी दिशा में बने हुए मुख्य द्वार तथा अन्य द्वार.....