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 ग्रह का गुण एंव दशाफल

जातक के जन्म समय में उपस्थित ग्रहो की स्थिती के अनुसार जातक को ग्रह विषेश की दशा में शुभा शुभ फल मिलते है ग्रह यदि शुभ स्थिती होकर बली भी.....
 
 

 मंत्र जप का प्रभाव

जिस शब्द में बीजाक्षर है, उसी को ‘मंत्र’ कहते है। किसी मंत्र का बार-बार उच्चारण करना ही मंत्र जप कहलाता है। लेकिन प्रश्न यह उठता है।.....
 
 

 ज्योतिष एवं शिक्षा

प्रायः हम देखते हैं कि जिन व्यवसाय/पदों को प्राप्त करके भी हम छोड़ देते हैं या किसी अन्य व्यवसाय से जुड़ जाते हैं अथवा अनेक व्यवसाय एक साथ.....
 
 

 प्रेम विवाह के कुछ मुख्य योग

 1 लेग्रेष का पंचक से संबंध हो और जन्मपत्रिका में पंचमेष-सम्तमेष का किसी भी रूप मे संबंध हो। शुक्र, मंगल की युति, शुम्र की राशि में स्थिति.....
 
 

 दिल लगाने से पहलेगुण अवश्य मिलायें

वर्तमान आधुनिम परिवेष खुला वातावरण एवं टी.वी. संस्कुति के कारण हमारी युवा पीढी अपने लक्ष्यों से भटक रही है। विना सोच विचार किये गये प्रेम.....
 
 

 धनलाभ योग

धनलाभ योग 1 धनभाव में बुध तथा शुक्र हो। 2 अष्ठम में शुभ ग्रह और केन्द्र में धनेश तथा लाभेश हो। 3 लाभ में धनेश तथा धन में लाभेश। 4 त्रिकोण या.....
 
 

 भाव और आजीविका विचार 

  भावों के अनुसार आजीविका का विचार इस प्रकार किया जा सकता हैं : - 1              प्रथम भाव (लग्न) : - इससे जातक के स्वरूप, मानसिक.....
 
 

 भारतीय संस्कृति में श्राद्ध कर्म की गरिमा 

 भारतीय हिन्दु संस्कृति मे तीन प्रकार के ऋणों का उल्लेख है- पितृ ऋण, ऋशि ऋण व देव ऋण। शास्त्र विहित कर्मो की पुजा, वत्र,उपवासादि से देव.....
 
 

 आइए जानें बेड-रूम में झगड़ा होने के प्रमुख ज्योतिषिय कारण 

  आज के भौतिकवादी एवं जागरूक समाज में पति-पत्नी दोनों पढ़े लिखे होते हैं और सभी अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग होते हैं। परन्तु.....
 
 

Astrology and Mental Health 

  As you known astorology regards the moon as the karaka for mind. Moon is the first fastest moving planet who is nearest to the Moon is also responsible for fluctuation in human mood. First familiarize yourself with the planets, hourse and sings that address anxiety depression, and overall mental health states in natal chart, affectiing long.....
 
 

 आभूषण एवं महिला जातक

 भारतीय संस्कृति में गहने पहनना एक रस्म और मर्यादा के अन्तर्गत आते हैं। आभूषण एवं गहनों से केवल शारीरिक सौन्दर्य ही नहीं निखरता वरन्.....
 
 

 शनि शांति के लिये हनुमान जी का पूजन ही क्यों

जितने लोग शनि देव की शनिवार के दिन पूजा करते हैं उससे अधिक लोग शनिवार के दिन हनुमान जी की आराधना करते हैं। शनि की पीड़ा शांति के लिये हनुमान.....
 
 

 जन्म कुण्डली के विभिन्न भावों में शनि का प्रभाव

  शनि का जातक पर शुभ/अशुभ प्रभाव :- ज्योतिश की दृष्टि में शनि एक नपुंसक ग्रह है। बुध, राहु, केतु, इसके सूर्य एवं मंगल इसके शत्रु ग्रह है। राहु,.....
 
 

 शनि परिचय

  भारतीय ज्योतिष में स्थापित नौ ग्रहों में शनि एक प्रमुख ग्रह है। यह संख्या में सूर्य से छठा ग्रह है और आकार में बृहस्पति के बाद दूसरा.....
 
 

 शनि की साढ़े साती से कश्टो से मुक्ति पाने के उपाय :-

 1. सुन्दर काण्ड के पाठ 2. हनुमान चालीसा के पाठ 3. महामृत्युंजय , शनि स्त्रोत , शनि मंत्र का जाप व पाठ 4. मन्दिर में नारियल और बादाम रखें । 5. लौहे.....
 
 

 साढे साती

  जब जन्म राशि से बारहवां शनि आता है उस समय शनि की साढ़े साती प्रारम्भ होती है इसका यह प्रथम चरण होता है यहां पर ढाई वर्श समाप्त होने पर जब.....
 
 

 शं शनिश्चराय नमः

 यह बात तो आप भी जानते हैं कि संसार में प्रत्येक कार्य की सफलता के लिए हमें शक्ति, साहस व बुद्धि की आवश्यकता है। यदि इनका अभाव हो तो असम्भव.....
 
 

 शनिश्चरी अमावस्या को दीपावली कैसे मनायें ?

अंधेरे के स्वामी शनिदेव हैं और अमावस्या के दिन घनी काली अंधेरी रात होती हैं। काली अंधेरी रात या कोई भी अंधकार कष्ट का प्रतीक माना गया हैं.....
 
 

 साढ़े साती के लक्षण और उपाय

आपने देखा होगा शनिवार को काफी संख्यां मे लोग शनि मंदिर मे जाकर तेल, तिल, उड़द आदि शनि देव को भेट करते हैं एवं दीया जलाते है। शनि देव के प्रति.....
 
 

 सढ़ेसाती का वैज्ञानिक ढंग से विवेचन

imgजिस प्रकार प्रत्येक ग्रह गोचरवश, जन्मस्थ चन्द्रमा से सापेक्ष स्थिति के अनुसार अपना-अपना शुभाशुभ फल देते है। उसी प्रकार शनि भी गोचरीय.....
 
 

 साढ़ेसाती और ढैया की विवेचना  

सृष्टि के प्रारंम्भ मे शनि अत्यन्त दीन-हीन और संसार मे उपेक्षित थे। नवग्रह परिवार मे शनि को भृत्य (नौकर) का स्थान प्राप्त था। वैदिक काल.....
 
 

 साढ़े साती के लक्षण और उपाय

जीवन मे जब कभी मुश्किलों का दौर आता है हम कहते है यह शनि देव का कोप है जबकि इसका कारण कुछ और भी हो सकता है। शनि देव आपसे नाराज है और उनकी साढ़े.....
 
 

शनिदेव से भय क्यों

  प्रत्येक व्यक्ति शनि के नाम से भयभीत हो उठता है। शनि को क्रुर तथा दण्ड देने वाला ग्रह माना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन मे.....
 
 

 रूद्राक्ष पूजन विधि

 रूद्राक्ष का पूजन और धारण दोनों ही समान फलदायी हैं, जो बन्धु किसी कारणवश रूद्राक्ष को धारण न कर सकें वे रूद्राक्ष का पूजन कर सकते हैं.....
 
 

 रूद्राक्ष धारण की विधि

किसी भी मुख के रूद्राक्ष को अथवा रूद्राक्ष माला को धारण करने का सबसे श्रेष्ट समय पुष्य योग हैं जो महिने में एकबार अवश्य आता हैं और यदि पुष्य.....
 
 

 रूद्राक्ष चिकित्सा

रूद्राक्ष (रूद्र मतलब शिव, अक्ष मतलब आंसु इसलिए रूद्र अधिक अक्ष मतलब शिव के आंसु) विज्ञान में उसे म्संमवबंतचने ळंदपजतें त्वगइ के नाम से.....
 
 

 मंगल शान्ति के कुछ उपाय  

(1) मंगल ग्रह कि शान्ति के लिए शिव उपासना तथा प्रवाल रत्न (मुंगा) धारण करें। (2) हनुमान जी तथा प्रवाल रत्न (मुंगा) धारण करें। (3) मं्रगलवार एंव.....
 
 

 मंगल हमेशा अमंगल नहीं करता  

  मंगल एक पापी एंव क्रुर ग्रह हे इसे भुमि पुत्र कुज आदी नामों से भी पुकारा जाता हे। कुज का अर्थ होता हे कु अर्थात खराब या पापी ओर ‘ज’.....
 
 

मंगल एक - विचार अनेक  

 मंगल की उत्पत्ति, परिचय एवं प्रभाव :- मंगल की माता का नाम पृथ्वी तथा पिता का नाम भगवान विष्णु हैं जो उनके पसिने की बूंद को पृथ्वी द्वारा.....
 
 

 दाम्पत्य सुख और मंगल ग्रह  

  ज्योतिष शास्त्रों में मंगलग्रह को पराक्रम का कारक माना गया है। सौर परिवार में इसे सेनापति का पद प्राप्त है। सामान्यतः लोग मंगल के नाम.....
 
 

 या पितृ दोष का कारण मंगल हैं ?  

  क्या हैं पितृ दोष ?  यदि हमारे पूर्वजों ने किसी प्रकार के अशुभ कार्य किये हो एंव अनैतिक रूप से धन एकत्र किया हो तो उसके दुष्परिणाम आने.....
 
 

 कब करता हैं मंगल अमंगल  

 विवाह एक आवश्यक संस्कार हैं जिससे मानव को चारों पुरूषार्थो की प्राप्ति होती हैं लेकिन जब जातक का विवाह समय पर सम्पन्न नहीं होता। दाम्पत्य.....
 
 

 संतान और कालसर्प योग  

  संतानहीनता दाम्पत्य जीवन का दुःखद पहलू हैं । ज्योतिष शास्त्र में संतान सुख के लिए जातक की जन्म कुण्डली में पंचम भाव, पंचमेश एवं गुरू.....
 
 

 संतान नाशक योग एंव उपाय  

  वंशवृद्धि की बेल को बढ़ाने के लिए वृद्धावस्था में देखभाल एंव पुत्र द्वारा अंतिम संस्कार करने से मुक्ति संतान सुख के लिए संतति होना आवश्यक.....
 
 

 राहु कष्टदायक नहीं भाग्यदायक हैं  

  राहु के शुभ होने पर व्यक्ति को कीर्ति, सम्मान, राज वैभव व बौद्धिक उपलब्धता प्राप्त होती हैं परन्तु राहु के अशुभ होने पर जो राहु की महादशा,.....
 
 

 गायत्री महामंत्र संपुट 

 1. गायत्री मंत्र में आगे पिछे ? हुं - जुँ सः असाध्य रोग खत्म हो जाते है। 2. गायत्री मंत्र में आगे पिछे ? श्री ह्रीं श्री मंत्र लगाकर अनुष्ठान.....
 
 

 गायत्री मंत्र में समाहित शक्तियां 

हम नित्य गायत्री मंत्र का जाप करते हैं। लेकिन उसका पूरा अर्थ नहीं जानते। गायत्री मंत्र की महिमा अपार हैं। गायत्री, संहिता के मुताबिक, गायत्री.....
 
 

 गायत्री मंत्र जाप की महिमा 

  संध्या का प्रयास का प्रधान अंग गायत्री जप ही है। गायत्री को हमारे वेद शास्त्रों में वेदमाता कहा गया है। गायत्री की महिला चारों ही वेद.....
 
 

 इन वास्तु उपायोंध्यपचार से होगा लक्ष्मी आगमन 

 हम सभी जानते हैं कि क्रिया की प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया की भी कोई न कोई क्रिया अवश्य होती है। इन्हीं क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं का.....
 
 

 लक्ष्मी जी की उपासना करने की विधि 

 दीपावली के दिन घनी काली अंधेरी रात होती हैं। काली अंधेरी रात या कोई भी अंधकार कष्ट का प्रतीक माना गया हैं क्योंकि अंधकार में मार्ग दिखाई.....
 
 

 दीपावली पर किये जाने वाले अचूक प्रयोग एवं टोटके 

दीपावली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें दीपावली पर धन प्राप्ति की इच्छा प्रत्येक व्यक्ति के मन में होती है। इसके लिये वह विभिन्न प्रकार.....
 
 

 जय मॉ महालक्ष्मी मंत्र 

श्री श्रीयंत्र महालक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला अद्भूत, सुख-सम्पति और शांति देने वाला विश्वविख्यात यंत्र हैं । इसे यंत्रराज भी कहा जाता.....
 
 

 लक्ष्मी प्राप्ती के प्रयोग 

  दीपावली का पावन त्यौहार कार्य सिद्धी एवं आर्थिक समृद्धि सम्बंधित प्रयोगों को सफलता पूर्वक सिद्ध करने के लिए अबुझ मुर्हुत हैं। छोटे.....
 
 

 जय मॉ महालक्ष्मी मंत्र 

 जाप -                 प्रतिदिन रोज आना करना हैं ।               प्रातः उठने के पश्चात प्रतिदिन ।                  .....
 
 

 इको फ्रैंडली दीवाली

दीपावली भारत का एक ऐसा त्योहार है जिसे सभी जातियों, धर्मों और सम्प्रदाय के लोग उल्लास पूर्वक मनाते हैं। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय.....
 
 

  धनलाभ योग

धनलाभ योग 1 धनभाव में बुध तथा शुक्र हो। 2 अष्ठम में शुभ ग्रह और केन्द्र में धनेश तथा लाभेश हो। 3 लाभ में धनेश तथा धन में लाभेश। 4 त्रिकोण या.....
 
 

 दीपावली पूजन विधि

 महालक्ष्मीपूजनकर्ता स्नान आदि से निवृत होकर पवित्र आसन पर बैठकर आचमन, प्राणायाम करके स्वस्ति वाचन करें। अनन्तर गणेशजी का स्मरण कर.....